true love story part 4
हम लोग मिले भी हम उसके घर के बाहर पहुच गये बाइक लेकर थेाडी देर बाद वो भी अपनी सिस्टर के साथ आयी स्कूटी से और फिर वो आगे-आगे मै पीछे - पीछे फिर एक चैपाटी जिसकी टिक्की ,चाउमीन,पावभाजी, फुल्की (बताषे) के लिये फेमस था । वहां हम लोगो ने बहुत बाते कि होता है न जब हम किसी से बगैर देखे काफी दिनो तक बाते करे फिर उससे और वह बहुत प्रिय हो फिर उससे मिले वो पल काफी आन्नद पूर्ण होते हैं। वही मेेरे साथ हुआ फिर हम लोगो ने चाउमीन,पावभाजी, फुल्की (बताषे) खाये भाई पानी बहुत कडवा था लेकिन उस समय ऐसी हालत थी मेरी पानी क्या जहर तक खा लेता कुछ समझ नही ंआ रहा था उसने पूछा भी पानी कडवा है क्या, मैने कहा नही ,कहते है न जब कोई दिल के करीब आ जाता है तो फिर दिल महसूस करने लगता है सब कुछ ये वो समझ गयी थी षायद और फिर हम लोगो ने चाउमीन,पावभाजी, फुल्की (बताषे) खाये और खूब मजे किये फिर आखिरी में आइसक्रीम कि उसकी इच्छा हुयी मै उसके लिये आइसक्रीम लेकर आया लोग कुछ खाने के बाद डिर्जट लेना पसन्द करते है ंउसे आइसक्रीम पसन्द थी। बहुत सुन्दर लग रही थी वो लेकिन मै बोल नही पा पहा था उसे कि तुम बहुत सुन्दर लग रहे हो और मुझे उसे छूने का मन भी कर रहा था लेकिन छू नही पाया अफसोस गले लगाने का मन था लगा नही पाया क्योकि उसकी सिस्टर साथ थी दूसरी बात मै ं हिम्मत भी नही जुटा पा रहा था। फिर मैने सोचा पता नही वो क्या फील करें। फिर हमने सोचा ऐसा फिर कभी देखेगें हम फिर अपने घर चल दिये रास्ते में ही उसकी काॅल आ गयी वोली पहुच गये मैने कहा पहुचने वाला हूॅ मुझे याद है उसने पावभाजी पैक करा कर रख दी थी भूख लगे खा लेना और उस समय मुझे भूख कम लग रही थी मैं तो उसे ही देखने में बीजी था । भूख तो रास्ते में लगी और गाडी रोककर मैने पावभाजी खा ली थी। षायद उसे पता था मेरी आदत का
हर मुलाकात ,पे ,महसूस यही होता है
मुझसे कुछ तेरी ,नजर पूछ रही हो जैसे
जागते - जागते इक, उम्र कटी हो जैसे
कोई फरियाद तेरे ,दिल में दवी हो जैसे




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