true love story part 7
सामान्य ज्ञान कि बुक पढ रहा था उसमंे भी तुम नजर आने लगे,वो हसने लगी और बोली तो मै क्या करूं मैने कहा इलाज बताओ इसका वो हस कर चली गयी मैने अगले दिन मै और परेषान जब बो दिखी नहीं उस दिन पता नहीं मै सम्भाल ही नहीं पा रहा था। पता नही क्या जादू हो गया था कोई इसी वजह से मेरी और मेरे रूम पार्टनर कि लडाई - झगडा बढ गया और रूम पर डेली संग्राम छिडता था। मैं किसी और दुनिया मंे था कोई र्फक नहीं बस वो दिखती रहे बस मै रो भी रहा था हस भी रहा था क्या हो रहा न चाह कर भी हो रहा कोई कंट्रोल नही फिर एक दिन मैने उसे रास्ते में रोका कहा यार तुम अब जाओ मेरे सामने से अब दिखना नहीं कभी भी मैं डिस्टर्व हो रहा हूॅ तो वो वोली मत देखेा मुझे और चली गयी मेरा मन और भी अषान्त हो गया। मैं पागलो वाली हरकते करने लगा उसको चाहने भी लगा था और नही भी मेरी कंडिसन बहुत खाराब हो गयी थी। अंकल कि छत पर रख्खा समान पुरानी टी0वी0 ,बांस बल्लियां ,सरिया सब तोड डाले जहां मै रहता था बाद में ड्रामा भी हुआ वहां सब जगह हा - हा कार मच गया दोस्त कहने लगे पागल हो गया ये उस लडकी के चक्कर में दोस्त उल्टा समझते थे वो सोचते थे कि मैं उसके चक्कर में पडा हूॅ और वो मान नही रही दोस्त भी मेरे टेडे मेडे दिमाग वाले थे एक आद ठीक भी थे वो भी इसी बिमारी के षिकार हो गये थे डले रहते थे बस जैसे बहुत कुछ लुट गया हो अब कुछ नही करना। फिर मै षान्त हुआ अपने आप को समझाया यूटयूब मे इसका उपाय ढूढने लगा मोटिवेषनल वीडियो देखे और फिर फाइनल मूड बनाया उससे बात करने के लिये मैने उसे फिर बुलाया वो आयी और हम लोगो ने 5 मिनट बाते कि और वो चली गयी
मैने भी सोचा इतना ही मतलब रख्खेगे ज्यादा नहीं वो डेली सुबह हाय गुड मोर्निग बोलकर जाती थी और फिर कुछ दिनो बाद गुडमार्निग फलाइंग किस में बदल गयी दूर से अब मै भी सब भूल कर पहुच गया और सब भूल गया और फाइनली मेरे दिल अैार दिमाग दोनो पर कब्जा कर लिया जब सब कुछ ठीक चलने लगा तब तक पूरे महौल्ले में बात फेल चुकी थी फिर उसी समय एक चैराह था उसका मेरे कारनामे के कारण उसका नामकरण कर दिया गया दोस्तो द्वारा जब भी कोई मुझे पूछे कहां है तो दोस्त कहते थे। .......



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