true love story part 3
गाडी चेकिंग कर रही थी मै ही ज्यादा आगे पीछे कर रहा था पकड लिया पुलिस ने अब मुझे आ गया गुस्सा जैसे ही पुलिस ने गाडी पकडी मैने कहा सर जाने दो लोकल का हूॅ घूम रहा ऐसे ही बोला लाइसेन्स दिखाओ अब मूड खराब मुझे बस पांच बजे दिख रहा था मैने कहा सर जाने दो स्टाफ हूॅ फिर पीछे से भईया आ रहे थे, उन्होने देखा मैं वो आ गये पुलिस वाले ने सर नमस्ते कहा और वे मुझे ले गये मै उनको चखना देकर फिर हाइवे सारी गाडियां देखता हुआ 2 किमी0 शायद चलता रहा पर वो नहीं दिखी अब दिमाग में नयी-नयी कहानियां चलने लगी उसका नम्बर तो था नहीं मेरा नम्बर था उसके पास वही काॅल कर सकती थी मै नहीं।
तू विछडन ,तू विछडन कैन्दी है,
बिछडे तो जी न पायेगे।
मैं घर वापस आ गया और बस मोबाइल को देखता रहता था एक हफता बीत गया काॅल न मैसेज फिर एक दिन मै काम में बिजि था आॅफिस काम में मैं नगरपालिका में कम्प्यूटर आॅफिसियल बर्क कर रहा था तभी ग्यारह बजे उसकी काल आयी उसने कहा हैलो मेरे होष उड गये और काम बहुत था बाहर लाइन लगी थी लोगो कि मै उनको इगनोर करता हुआ सीट छोडकर बाहर निकल आया वो बोली बीजि हो क्या मैने कहा नहीं मै बात करते -करते इतना खो गया कि होष ही नही क्या हो रहा ,कहा जा रहा और आॅफिस में बगैर बताये घर आ गया पैदल पांच किमी0 फिर मैने देखा अरे ये तो घर आ गया एक तरफ खुषियां दूसरी तरफ बरवादी हो रही थी परन्तु मै खुष बहुत था मैने कहा भाड में जाये काम -धाम इस तरह मेरी एक महीने तक बाते होती रही हम लोग उस समय ऐसी सुखद अवस्था में पहुच गये थे दिन भर बाते सिर्फ प्यार वाली और कुछ नहीं अपनी-अपनी इच्छायें फिर एक दिन मिलने का प्लान बना.............continue reading part 3




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