true love story part 10
मैने कहा रूको नही रूकी मैं लैटर भी नही दे पाया ,मैने दो दिन इन्तजार किया दो दिन वो बाहर नही निकली , ऐसे ही एक हफता बीत गया नही दिखी । षायद उसने अपना पूरा टाइम टेबिल बदल लिया था। फिर पन्द्रह दिन बाद वो दिखी वह बाल्कनी में खडी थी, मैने देखा फिर रोने लगी मैं परेसान क्या हो गया मैने उससे कहा मेरी एक बार बात तो सुन लो बता दो क्या दिक्कत है अगर मैने कुछ किया हो तो मार लो मुझे जितना गुस्सा हो निकाल डालो एक बार में रोज-रोज मत रो मेरी भाषा और इलाहाबाद कि भाषा में बहुत अन्तर है लोग मेरी भाषा जल्दी नही समझ पाते षायद कुछ षब्द उस दिन भी यही हुआ उसने कोई जबाव नही दिया मुझे गुस्सा आ गया मैने कहा आज तुम नही बोले तो फिर कभी मुझे नही देख पाओगे। मै चला जाउगा।
उसने भी गुस्से में कहा चले जाओ। फिर मैं सीधे आया गुस्से में सामान पैक करने लगा रूम पार्टनर बोला क्या है क्या है क्या षिययापा कर आये भाग रहे सामान लेके भाई बताओ नही तो मेरे उपर लठठ बजे मैने कहा भाई ये गली महौल्ला से नफरत हो गयी मुझे छोडना है मुझे मर जाउगा अगर यहां रूका और उस दिन उसने मेरी मदद कि इस समस्या में मैने सोचा इस महीने रूक लेता हूं अगले महीने छोड दूंगा गलती मेरी नही थी फिर भी दोष मुझे ही मिला बिमार था फिर भी एक हफता रूका रहा उसके लिये फिर भी नही दिखी जब लौट कर आया दसियों बार कहा एक बार मेरी बात सुन लो फिर जैसा लगे वैसा करना लेकिन नहीं उसके लिये दोस्तो से लडा , दोस्तो द्वारा बतायी गयी बातों को अनसुना करता रहा ,घमण्ड बहुत पार हो गया था। जब भी निकलू बस रोने लगे सुन्दर इनोसैण्ट तो थी ही लेकिन कुछ वोले न मै यही सोचता था कि इसकी बजह मैं हूॅ मेरा महीना पूरा होते होते वो लास्ट समय मंे मैने देखा बहुत कमजोर हो गयी थी। मुझसे उसका उदास चेहरा नही देखा जा रहा था कुछ बोलती नही थी बस इमोसनली मारती थी । मैने सोचा मै रोज दिख जाता हूॅ षायद याद आ जाते होगे पुराने दिन दिक्कत होती होगी तो मैं अगले महीने रूम छोड दिया वहां का और दूर रूम ले लिया लेकिन उसकी याद तो आ ही जाती थी। फिर धीरे -धीरे सम्भल गया और प्रण कर लिया उसकी सारी चीजे मैने आग लगा दी कुछ दीनो बाद नया साल आने वाला था मैने उसके लिये तैयारी की थी और हमारे एक दोस्त दोनो ने बैठकर गिरीटिंग लिखे और बहुत से लैटर थ्ेा दोनो लोगो ने न्यू ईयर को आग जला कर ताप लिये अब कोई और नही तब से डेढ साल हो गये मैने उसे और कोई और लडकी कि तरफ मुड कर नही देखा....



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