True love story part 1


                                   True love story
                         2015&2016
               written 04&12&2019@2%51pm

इक प्यार का नगमा है, मौजो की रवानी है ।

जिंदगी और कुछ भी नहीं, तेरी मेरी कहानी है।



                  
दोस्तों ये कहानी स्वयं मेरी है, ये कहानी षुरू होती है। जब मैे ग्रेजुएशन कर रहा था। पहली साल तो अच्छा गया दूसरी साल एक दोस्त मिला जो गर्ल फ्रेडस जैसे शौक रखता था। वह मेरा पक्का वाला दोस्त बन गया और आज तक है और धीरे -धीरे मुझे भी शौक होने लगा कि मेरी भी एक गर्ल फ्रेडस होनी चाहियेे और मैं उसे काॅलेज में उसे बात करते देखता था फिर फोन पर देखता था। बात करते हुए बहुत खुश लगता था  क्या है ये जिसे देखो लगा है फिर मुझे भी लगने लगा कि अब पक्का मुझे भी एक गर्ल फ्रेडस बनानी है।

मैं यहां ,मैं वहां, चाहे, जाउ जहां।
पूछता है ,ये दिल ,तू कहां -तू कहा।।



और मैं देखने लगा काॅलेज में कौन अच्छी मेरे टाइप कि कोई लडकी हो, होता है न पहली बार जब कुछ नया करो बडी भडभडाहट होती है,वही मेरे साथ हो रहा था । कॅालेज में ही एक पांच लडकियों का ग्रुप था जिसमें से मैने दो लडकियों को देखा दोनो मुझे अच्छी लगती थी लेकिन चुनना एक को था । मुझे 6 महीने लग गये एक लडकी को चुनने में और अगली साल ग्रेजुएशन कि अन्तिम थी। मुझे देखती दोनो लडकी थी किन्तु मेरी हिम्मत नहीं होती थी बात करने कि कुछ दिन बाद तो कन्फयूज हो गया किससे बोलू दोनों में से फिर मैने निश्चय किया कि एक लडकी थी। सुन्दर सी उसकी सुन्दरता ऐसी मानो सूरज रोज उसे ही देखने के लिये निकलता हो ,समुद्र कि लहरे सिर्फ उसे ही छूने कि कोशिश करती हो ,उसके होठ ऐसे जैसे गुलाब कि पत्तियां ,आंख ऐसी जैसे नीली मछलियां,दिल ऐसा जैसे समुद्र में हर चीज सहने कि सहन शीलता एक दम साफ दिल इस तरह सात महीने बीत गये। फिर पेपर आ गये मैने आखीरी पेपर में उसे अपने दिल कि बाते हिम्मत करके बोल दिया और उसने मेरी अर्जी पर मुहर लगा दी।..........continue reading page 2


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